मेले में मिली सीख : एक शिक्षाप्रद कहानी बच्चों के लिए​

एक छोटे से गाँव में दो दोस्त रहते थे – रवि और अमित। रवि हमेशा सबका सम्मान करता था, चाहे वह छोटा हो या बड़ा। वह हमेशा अपने बड़ों की बात ध्यान से सुनता और उनका कहना मानता था। दूसरी ओर, अमित थोड़ा जिद्दी था। वह अक्सर दूसरों का मज़ाक उड़ाता और अपने बड़ों की सलाह को अनसुना कर देता था।

Two young Indian boys at a colorful village fair—one calmly speaking to a friendly police officer, while the other looks scared and teary-eyed after getting lost. Bright stalls, balloons, and a Ferris wheel decorate the festive background, capturing the emotions of friendship, learning, and safety.

एक दिन गाँव में एक मेला लगा। रवि और अमित भी मेले में घूमने गए। मेले में बहुत भीड़ थी और दोनों दोस्त थोड़ी देर में एक-दूसरे से बिछड़ गए। रवि थोड़ा घबरा गया, लेकिन उसने तुरंत अपने दादाजी की बात याद की थी कि भीड़ में हमेशा शांत रहना चाहिए और किसी बड़े से मदद मांगनी चाहिए। उसने एक पुलिस अंकल को देखा और उनसे अपने दोस्त को ढूंढने में मदद मांगी। पुलिस अंकल ने रवि की बात ध्यान से सुनी और जल्द ही अमित को ढूंढ निकाला।

 

अमित अकेला घूमता रहा और डर गया था क्योंकि उसने अपने बड़ों की बात नहीं मानी थी कि मेले में अकेले नहीं घूमना चाहिए। जब रवि और पुलिस अंकल ने उसे ढूंढा, तो वह रो रहा था।

 

रवि ने अमित को समझाया कि हमेशा सबका सम्मान करना चाहिए और अपने बड़ों का कहना मानना चाहिए। अमित को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने रवि से वादा किया कि वह अब से हमेशा सबका सम्मान करेगा और अपने बड़ों की बात मानेगा।

 

कहानी से सीख: हमें हमेशा सबका सम्मान करना चाहिए और अपने बड़ों का कहना मानना चाहिए। इसमें ही हमारी भलाई है।

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