शिक्षा का महत्व : Moral Story

एक बार की बात है, एक छोटे से गाँव में रोहन नाम का एक लड़का रहता था। उसे पढ़ाई का बहुत शौक था — खासकर किताबें पढ़ना, गणित करना और नई-नई चीज़ें जानना।
वो गाँव के स्कूल में पढ़ता था और अच्छा स्टूडेंट भी था। लेकिन उसे ये देखकर बड़ा अजीब लगता था कि उसके गाँव के कई बच्चे स्कूल नहीं जाते थे। कोई खेतों में काम करता था, तो कोई बस घर पर ही रह जाता था। इस बात से रोहन को काफी दुख हुआ। उसने सोचा — “ऐसा क्यों? सबको तो स्कूल जाना चाहिए। पढ़ना-लिखना बहुत ज़रूरी है!” फिर एक दिन उसके दिमाग में एक आइडिया आया। उसने सोचा कि क्यों न गाँव के लोगों को बताया जाए कि पढ़ाई कितनी जरूरी है। ताकि बाकी बच्चों को भी स्कूल भेजा जा सके। सबसे पहले, रोहन ने अपने माँ-पापा से बात की। बोला, “माँ, पापा… मैं चाहता हूँ कि गाँव के बाकी बच्चे भी स्कूल जाएँ। आप मेरी मदद करोगे?” माँ-पापा मुस्कुराए और बोले, “बिलकुल बेटा, हम साथ हैं!” फिर वो तीनों गाँव के मुखिया से मिले और रोहन ने अपने प्लान के बारे में बताया।
मुखिया जी को आइडिया पसंद आया, तो उन्होंने एक गाँव की सभा बुला ली। सभा में रोहन खड़ा हुआ और बोला, “मुझे पढ़ना बहुत अच्छा लगता है। और मैं चाहता हूँ कि हर बच्चा स्कूल जाए। स्कूल में हम सिर्फ पढ़ते ही नहीं हैं, बल्कि सोचने का तरीका, नई चीज़ें, और दुनिया को समझना भी सीखते हैं।” उसने ये भी कहा, “जब हम पढ़ते हैं, तो हम कुछ भी कर सकते हैं — डॉक्टर, टीचर, किसान, जो चाहो! और सबसे बड़ी बात — हम अपने गाँव और परिवार के लिए कुछ अच्छा कर सकते हैं। पढ़ाई हमारे लिए एक तरह की रोशनी है, जो हमें सही रास्ता दिखाती है।” लोग चुपचाप सुनते रहे। कई लोगों ने शायद पहली बार शिक्षा के बारे में इस नजरिए से सोचा। फिर रोहन ने कहा, “अगर बच्चे स्कूल जाएँगे, तो उनका भविष्य बेहतर होगा। वो खुद के लिए खड़े हो सकेंगे, अच्छी नौकरी कर सकेंगे। प्लीज़ अपने बच्चों को स्कूल भेजिए।” सभा के बाद कई माँ-बाप ने कहा कि हाँ, अब वे अपने बच्चों को स्कूल ज़रूर भेजेंगे।
कहानी से सीख — अगर दिल से कुछ अच्छा करने की कोशिश करो, तो वो छोटा सा कदम भी किसी की ज़िंदगी में बड़ा फर्क ला सकता है। और पढ़ाई? वो तो सबसे कीमती तोहफ़ा है।