बाहर खेलो, स्वस्थ रहो - Health and Lifestyle Story
एक छोटे से गाँव में दो दोस्त रहते थे – रवि और करण। रवि को वीडियो गेम खेलना बहुत पसंद था। वह सारा दिन घर के अंदर ही रहता, कंप्यूटर स्क्रीन पर आँखें गड़ाए। करण को बाहर खेलना पसंद था। वह रोज सुबह पार्क में जाता, दौड़ता, कूदता और अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलता।

धीरे-धीरे, रवि कमजोर और बीमार रहने लगा। उसकी आँखें दुखने लगीं और उसका शरीर भी भारी महसूस होने लगा। उसे हमेशा थकान महसूस होती थी और वह किसी भी काम में मन नहीं लगा पाता था।
दूसरी ओर, करण हमेशा खुश और ऊर्जावान रहता था। उसके गाल लाल थे और वह हर काम को फुर्ती से करता था। वह पढ़ाई में भी अच्छा था क्योंकि उसका दिमाग तरोताजा रहता था।
एक दिन, रवि के पिताजी उसे डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर ने रवि से पूछा कि वह दिन भर क्या करता है। रवि ने बताया कि वह सिर्फ वीडियो गेम खेलता है। डॉक्टर ने समझाया कि बाहर न खेलने और धूप न लेने से उसका शरीर कमजोर हो गया है। उन्होंने रवि को सलाह दी कि वह रोज बाहर खेले और ताज़ी हवा में साँस ले।
रवि ने डॉक्टर की बात मानी। उसने करण के साथ पार्क जाना शुरू कर दिया। पहले उसे दौड़ने और खेलने में थोड़ी परेशानी हुई, लेकिन धीरे-धीरे उसे मजा आने लगा। वह धूप में खेलता, पेड़ों पर चढ़ता और दोस्तों के साथ हँसता। कुछ ही हफ्तों में, रवि पहले से कहीं ज्यादा स्वस्थ और खुश महसूस करने लगा। उसकी आँखों का दर्द भी कम हो गया और वह अब पढ़ाई में भी मन लगा पाता था।
कहानी से सीख : बाहर खेलना और धूप लेना हमारे शरीर और मन दोनों के लिए बहुत जरूरी है। वीडियो गेम खेलने से ज्यादा, हमें स्वस्थ रहने के लिए बाहर खेलना चाहिए।